Programming Language In Hindi

Programming Language In Hindi  


तो नमस्कार दोस्तों स्वागत हैं आपका प्रोग्रामिंग के ब्लॉग सीरिज मे | आपने तो इस टॉपिक के उपर्  बहुत सारी बाते सुनी होगी लेकीन क्या है ये


आपको तो  Language  यानी की भाषा के बारे मे पता हैं | भाषा एक संवाद का माध्यम हैं | भाषा के मदत से हम अपनी बतोंका लेन देन कर सकते हैं |



 

लेकीन  कॉम्प्युटर और  इलेक्ट्रॉनिक चीजे  किस प्रकार से  आपनी बतोंकी  लेन  देन  करते  हैं  ? आप सभी को पता है की इलेक्ट्रॉनिक वस्तू इलेक्ट्रिक सिटी पे चलती है | ओर इलेक्ट्रिक सिटी सिर्फ दो ही चीज समजती हैं एक तो Positive current या तो Negative current  इसे तो Electric वस्तू मे Coordination पॉसिबल नहीं हैं | तो किस प्रकार से हम इलेक्ट्रॉनिक वस्तू का Coordination करे जिसे की हम उन का इस्त्माल कर सके |


तो उसके लिये प्रोग्रामिंग Language को Develop किया  गया तो  प्रोग्रामिंग Language क्या होती हैं ? सब  लोग तो  Binary Language यांनी की (०,१) को नहीं समजते और वो थोडी कठीण भी हैं,इसलिये एक ऐसी भाषा का निर्माण किया की जो सरल हो औ र उसे इलेक्ट्रॉनिक मशीन को handle किया जा सकता हैउसे ही प्रोग्रामिंग language कहते हैं | जस प्रकार से सामान्य भाषा व्याकरण मे बंधी होती हैं | उस प्रकार प्रोग्रामिंग Language को Syntax यांनी की Rule मे बनाया जाता हैं |


तो आपके मन मे खयाल आया होगा की इस भाषा को कॉम्प्युटर की भाषा मे कैसे बदला जाता है ? तो उसके  लिये compiler का वापर किया जाता है | तो ये Compiler क्या चीज है ? आपको तो पता हैं की जब आपको किसी भाषा का ज्ञान नही ओर जब आप उसे संवाद करना चाहते हो तो आप Translator use करते हो जो की भाषा को Translate करता हैं उस प्रकार से Compiler  प्रोग्रामिंग Language को  सही Syntax Check करके बायनरी भाषा मे बदल देता हैं | इस प्रकार से प्रोग्रामिंग Language को कॉम्प्युटर Language मे बदल दिया जाता है |


१९५६ मे  FORTRAN पहलि प्रोग्रामिंग language को  Publish किया गया |

प्रोग्रामिंग  मुख्यत्वे दो भाषा का समावेश होता हैं |

१ .Low level programming language 

२.High level programming language


Low level उसे कहते हैं जिसे की केवल मशीन समझता है, ये fast conversions होते हैं, क्यूंकि कॉम्प्युटर  इस भाषाको समझता है. Assembly Language जो की low level होती है, उसे आसानी से machine language में convert किया जा सकता है

High-level उसे कहते हैं जिसे की इंसानों द्वारा समझा जाता है ,और machine को इसे अपने language में convert करना होता है |


कही सारे वजासे प्रोग्रामिंग language  को classified किया हैं |

1.  Machine languages, ये directly interpret किये जाते हैं hardware के द्वारा.

2.  Assembly languages, ये वो thin wrappers होते हैं एक corresponding machine language के ऊपर.

3.  High-level languages, ये सभी machine-independent होते हैं.

4.  System languages, इन्हें design किया गया है low-level tasks को लिखने के लिए, जैसे की memory और       process management.

5.  Scripting languages, ये generally extremely high-level और powerful होते हैं.

6.  Domain-specific languages, इनका इस्तमाल highly special-purpose areas only में ही किया जाता है

7.  Visual languages, ये non-text based languages होते हैं.

8.  Esoteric languages, ये इस्तमाल के लिए नहीं होते हैं लेकिन ये बहुत ही interesting, funny, और educational होते हैं कुछ दिशाओं में|


ऐसे ही कही सारी प्रोग्रामिंग Language Market मे Available हैं |जिसमे C,Java, Python,Php,.net,ruby, pearl,R ओर कही सारी  Languages Available हैं |जो की अलग अलग मकसद से Use होते हैं |


तो इस ब्लॉग को समाप्त करते हैं और लोटेंगे इस टॉपिक के उपार और एक ब्लॉग बनायेंगे तबतक केलीय शुकिया

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